गुड़िया हमारी सभी पे भारी 17 जनवरी एपिसोड

एपिसोड की शुरुआत ग्रूम के परिवार के साथ होती है, जो गुडिय़ा को देखने के लिए आता है। सरला उन्हें बैठने के लिए कहती है। रज्जो उनका परिचय देती है। वह कहती है कि लड़का लड़की से मिल जाएगा। गुडिय़ा स्वीटी के साथ वहां आती है। रज्जो कहती है कि गुडिय़ा दिखने में साधारण है, लेकिन हर चीज में निपुण है। गुडि़या उसे सलाम करती है और उसके पास बैठती है। सरला उसे शिष्टाचार में रहने के लिए कहती है।

लड़के की मां का कहना है कि लड़की बहुत आगे है। रज्जो उसे उस लड़के से माफी मांगने के लिए कहती है। गुडिय़ा ने उसे गले लगाया और माफी मांगी। गठबंधन को नापसंद करते हुए लड़का और उसके माता-पिता भाग जाते हैं। रज्जो ने सरला को डांटा और कहा कि पता नहीं वे मेरे बारे में क्या सोच रहे होंगे। गुड़िया कहती है मैंने वही किया जो तुमने मुझसे करने को कहा था। रज्जो हैरान है और कहती है कि मुझे लगता है कि मैं वापस जाऊंगी।

राधे कहते हैं कि अगली बस 20 मिनट बाद में है। रज्जो कहती है तुम सब मुझे दरवाजा दिखाना चाहते हो। स्वीटी पूछती है कि क्या बुआ जी पैकिंग कर रही हैं। रज्जो कहती है कि वह उसे (स्वीटी की) पैकिंग करवाएगी। स्वीटी चौंक गई। राधे गुडिया से पूछता है कि तुमने क्या किया? गुड़िया कहती है बुआ जी ने मुझे कमल के पास बैठने को कहा। राधे का कहना है कि आपको भी यही भ्रम है कि कमल दूल्हे का नाम है। गुडि़या कहती है कि नहीं? वह हँसता है। सरला उन्हें शर्म करने के लिए कहती है।

राधे को गुस्सा आता है। सरला भगवान से पूछती है कि वह कब तक उसकी परीक्षा लेगा। गुडिय़ा ने उससे बिना किसी आउटिंग के लिए बाहर जाने के लिए उससे माफी मांगने को कहा। उनके पास एक तर्क है। गुड़िया कहती है कि वह पहाड़ी बाबा के पास जा रही है। सरला कहती है कि वह मेरे बाबा हैं। गुडि़या कहती है कि आप बहुत अहंकारी हैं और बताती है कि वह अपने बाबा से ज्यादा अपने दिव्य बाबा की खोज करेगी। वह पाव भाजी बेचने वाले से पूछती है कि क्या वह उसका बाबा बन सकता है।

कैलाश का कहना है कि वह नहीं बन सकता। बंटू उसे कैलाश के पीछे बाबा की तस्वीर देखने के लिए कहता है। गुडि़या कहती है अमरूद / अमरूद बाबा … मैं आपके पास आ रही हूं। वह वहां जाती है और लोगों को अमरूद बाबा के लिए जयकारे लगाते हुए देखती है। अमरुद बाबा आते हैं और अपने बिस्तर पर बैठ जाते हैं। बंटू कहता है अम्रोद बाबा। तभी दो अमरूद उनके सिर पर गिर पड़े। गुडिय़ा नाचती है और ग्वालों को फर्श पर गिरा देती है।

बाबा पूछते हैं आप कौन हैं? गुडि़या कहती है कि वह उनकी है, शशि, गुड़िया / प्रतिभा गुप्ता। वह उसे अपनी शिशिया बनाने के लिए कहती है। बाबा कहते हैं कि उन्होंने उसे अपना शिष्य बना लिया होगा, लेकिन उसे रास्ते में यहाँ रुकना पड़ा। गुड़िया उसे कुछ दिनों तक इंतजार करने के लिए कहती है। बाबा कहते हैं हमें आज यहाँ से जाना है और यहाँ रहने की जगह नहीं है। गुडिय़ा ने उन्हें अपने गेस्ट हाउस में बुलाया। बाबा उसके साथ जाने के लिए राजी हो जाते हैं। गुडि़या बाबा को उनके घर ले आती है। बाबा ने रज्जो को आशीर्वाद दिया और अमरुद उसके सिर पर गिरा। रज्जो खुश हो जाती है। सरला वहां आती है। रज्जो ने चमत्कार की जानकारी दी। राधे और पप्पू हाथ पकड़ कर कहते हैं कि अमरोद बाबा।

अमरूद उनके सिर पर गिरता है। यहां तक ​​कि स्वीटी भी इसे कहती है और उसके सिर पर अमरूद लग जाता है। सरला कोशिश करती है, लेकिन उसे अमरूद नहीं मिला। बाबा बताते हैं कि बीज दुनिया है … गुडिय़ा कहती है मुझे नहीं पता था। बाबा जी उन्हें राधे कहते हैं और कहते हैं कि आपकी बेटी बहुत अद्भुत है। राधे हैरान हो जाता है। गुडि़या कहती हैं कि हमारे गेस्ट हाउस में आते ही हमें बाबा जी की देखभाल करने का विशेष मौका मिल रहा है। लिफाफे में बाबा जी पैसे देते हैं। राधे कहता है हम आपका ख्याल रखें। पप्पू उसे ले जाता है और कहता है कि हमें पहली बार ईमानदार बाबा मिले। गुडिय़ा पूछती है कि अब आप क्या कहेंगे?

वह सरला के पास आती है और पूछती है कि क्या आपके बाबा सभी भक्तों को पहाड़ देते हैं। सरला कहती है नहीं। गुड़िया कहती है जब मेरे बाबा तुम्हें दुनिया दे सकते हैं, तो तुम्हारे बाबा तुम्हें पहाड़ क्यों नहीं दे सकते। सरला हार मान लेती है। गुड़िया कहती है कि वह उसकी भक्तन / भक्त बन जाएगी। बाबा ठग हैं और उनके गुरु बनने की योजना है। गुडिय़ा पूछती है कि अब आप क्या कहेंगे? वह सरला के पास आती है और पूछती है कि क्या आपके बाबा सभी भक्तों को पहाड़ देते हैं। सरला कहती है नहीं। गुड़िया कहती है जब मेरे बाबा तुम्हें दुनिया दे सकते हैं, तो तुम्हारे बाबा तुम्हें पहाड़ क्यों नहीं दे सकते। सरला हार मान लेती है।

गुड़िया कहती है कि वह उसकी भक्तन / भक्त बन जाएगी। बाबा ठग हैं और उनके गुरु बनने की योजना है। गुडिय़ा पूछती है कि अब आप क्या कहेंगे? वह सरला के पास आती है और पूछती है कि क्या आपके बाबा सभी भक्तों को पहाड़ देते हैं। सरला कहती है नहीं। गुड़िया कहती है जब मेरे बाबा तुम्हें दुनिया दे सकते हैं, तो तुम्हारे बाबा तुम्हें पहाड़ क्यों नहीं दे सकते। सरला हार मान लेती है। गुड़िया कहती है कि वह उसकी भक्तन / भक्त बन जाएगी। बाबा ठग हैं और उनके गुरु बनने की योजना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *