28 सितंबर 2024 को गंडक नदी में 5.61 लाख क्यूसेक पानी आने के बाद वाल्मीकिनगर बराज पर दबाव बढ़ गया था। इसके बाद राज्य सरकार ने बराज की स्वास्थ्य जांच का आदेश दिया। केंद्रीय जल आयोग की सात सदस्यीय टीम ने 7 अगस्त 2025 को बराज का निरीक्षण किया। टीम की रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार सुरक्षा योजना बनाएगी। राज्य सरकार भी बराज को दुरुस्त करने की योजना पर काम कर रही है। पिछले साल बाढ़ से 512 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था और तटबंध क्षतिग्रस्त हुए थे। गंडक बराज की लंबाई 739 मीटर है और इसकी अधिकतम डिस्चार्ज क्षमता 8.5 लाख क्यूसेक है। जल संसाधन विभाग जल्द ही बराज के लिए विस्तृत सुरक्षा योजना तैयार करेगा। (Updated 28 Aug 2025, 19:05 IST; source: link)